गौशालाओं में गौवंशो के प्रति होने वाली पशु पालन विभाग की लापरवाही पर राष्ट्रीय बजरंग दल ने करा प्रदर्शन सौंपा ज्ञापन ।
राष्ट्रीय बजरंग दल के तत्वाधान में गौशालाओं में गौवंशो के प्रति होने वाली पशु पालन विभाग की लापरवाही के सम्बन्ध में धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमे मुख्य विकास अधिकारी के नाम पशु पालन विभाग से सम्बंधित शिकायती पत्र दिया गया, शिकायती पत्र संगठन के प्रान्त महामंत्री पंकज गुप्ता द्वारा दिया गया, पत्र देने के समय संगठन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमे करण दक्ष, श्याम शर्मा, विकास सनातनी, दारा सिंह, अंकेश सनातनी, सत्यम गुप्ता, महानंद मौर्या, अजय गुप्ता, शेखर सक्सेना, रूद्र सनातनी, अनिल कश्यप, गौरव मौर्या, गौरव महेश्वरी, आनंद कोली, संजू यादव इत्यादि मौजूद रहे |
संगठन द्वारा निम्न बिन्दुओ पर कार्यवाही की मांग की गई, एक सप्ताह में कार्यवाही न होने पर आन्दोलन की चेतावनी दी गई |
1. सर्वप्रथम सड़क पर रहने वाले गौवंशो को विधिवत सरक्षित कराये जिससे सड़क पर होने वाले हादसों से मानव जीवन(जनहानि) और गौवंश जीवन को बचाया जा सके तथा प्रतिदिन होने वाली दुर्घटनाओ को टाला जा सके,
2. सरकार के आदेश के बावजूद भी आज तक जनपद की किसी गौशाला में सी सी टी वी इंस्टाल नहीं किये गए जिससे जाहिर होता है गौवंशो के प्रति होने वाली अनियमितताओं को सम्बंधित विभाग छुपाने के प्रयास में लगा है, अतः समस्त गौशालाओं में सी सी टी वी कैमरा लगने चाहिए जिससे गौवंशो के हित में होने वाले कार्यों और लापरवाहियों पर निगरानी रखी जा सके,
3. गौशालाओं में गौवंशो को केवल सूखा भूसा दिया जाता है जिस कारण आये दिन पोषक भोजन के आभाव में गौवंशो की मृत्यु हो रही है, अतः गौवंशो को केवल सूखा भूसा न दिया जाये बल्कि पर्याप्त मात्रा में उसके साथ हरा चारा मिलाया जाए या फिर चोकर मिलाया जाए,
4. पशु चिकित्सको द्वारा गौशालाओं में निरन्तरं भ्रमण नहीं किया जाता जिस कारण उचित उपचार न मिलने के कारण गौवंशो की स्थिति दयनीय होती जाती है जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है, पशु चिकित्सको को गौशालाओं में निरंतर जाने के लिए निर्देशित किया जाए साथ ही बीमार और कमजोर गौवंशो के उपचार की उचित व्यवस्था की जाए, अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही से एक भी गौवंश की मृत्यु होना पाया जाए तो दोषी पर तत्काल प्रभाव से पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और गौवध निवारण अधिनियम के आधार पर उचित वैधानिक कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाये,
5. जनपद में समस्त गौशालाओं में अनियमित तरीके से गौवंशो को बिना टैगिंग के संरक्षित किया जा रहा है, जिससे सरकार को गौवंशो के संरक्षण की सही जानकारी नहीं दी जाती, गौशालाओं में समस्त गौवंशो की टैगिंग होना अनिवार्य किया जाये, एक भी गौवंश की मृत्यु होने पर उसके टैग की जानकारी और मृत्यु का कारण रिकॉर्ड में रखा जाये, कई बार पाया गया की गौशालाओं में गौवंश की मृत्यु होने पर उनके कान से टैग निकाल लिया जाता है, जिससे उसकी मृत्यु को रिकॉर्ड में नहीं दर्शाया जाता, उसके टैग को आधार बनाकर सरकारी धन निरंतर लिया जाता है, ऐसे छल करने वाले गौशाला संचालक और पशु चिकित्सक पर सरकारी धन का दुरूपयोग करने की उचित धाराओं में कार्यवाही की जाए,
6. गौशालाओं से सम्बंधित समस्त रिकॉर्ड रजिस्टर गौशालाओं पर नहीं पाए जाते, जिससे संरक्षित गौवंशो और उनके भोजन सम्बन्धी आय व्यय की जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती, अतः गौशालाओं से सम्बंधित समस्त रिकॉर्ड रजिस्टर गौशालाओं पर होना सुनिश्चित किया जाए अन्यथा की स्थिति में गौशाला संचालक, सम्बंधित सचिव और पशु चिकित्सक पर कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाये,
7. गौशालाओं में मानको के विरुद्ध एक नियत सीमा से अधिक गौवंश भर दिए गए हैं जिससे गर्मी और बारिश में गौवंशो को अनावश्यक पीड़ा और भूख प्यास का सामना करना पड़ रहा है जो कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत अपराध की श्रेणी में आता है, सम्बंधित विभाग की इस लापरवाही और मनमानी के लिए कार्यवाही करना सुनिश्चित करें, साथ ही ग्राम पंचापंचायत में ग्राम समाज की भूमि को गौवंशो के हरे चारे और संरक्षण के लिए गौशालाओं को हस्तानांतरित किया जाये,
8. सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त गौवंशो के उपचार और संरक्षण में पशु पालन विभाग द्वारा निरंतर लापरवाही की जाती है जिससे चोटिल गौवंशो को उचित उपचार न मिलने के कारण तड़प तड़प कर उनकी मृत्यु हो जाती है, विभाग की ऐसी लापरवाही को नजरंदाज न किया जाए और तत्काल उपचार की व्यवस्था कराकर उन्हें गौशाला में संरक्षित करने की व्यवस्था की जाए, पशु पालन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ये कह के पल्ला झाड लेते हैं कि हमारा काम संरक्षण का नहीं है जिस कारण चोटिल और लाचार गौवंश सड़क पर ही पड़े पड़े मर जाते हैं, पशु पालन विभाग को निर्देशित किया जाए की सम्बंधित अधिकारी या विभाग द्वारा चोटिल गौवंश को निकटतम गौशाला में संरक्षित कराने की तत्काल व्यवस्था की जाए,
9. दुर्घटनाग्रस्त गौवंशो के उपचार का रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजो में दर्ज नही किया जात है जो कि पशु पालन विभाग के अधिकारी अपने बचाव में दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल गौवंशो का रिकॉर्ड नहीं बनाते हैं जिससे भविष्य में उन्हें उसका रिकॉर्ड न दिखाना पड़े, जो कि सरकार के साथ एक जालसाजी का प्रकरण दर्शाता है, ऐसे मामलो में जाँच कर उचित कार्यवाही करना सुनिश्चित करें,
10. प्रिंट और डिजिटल मीडिया के साथ साथ सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में पाया गया की गौशालाओं में संरक्षित गौवंशो की संख्या कम और सरकारी रिकॉर्ड में ज्यादा गौवंशो का रुपया लिया जा रहा है, जो कि गौशाला संचालक और पशु पालन विभाग की मिलीभगत से सरकारी धन का गबन होना पाया जा रहा है, अतः जनपद की समस्त गौशालाओं की विडियो रिकॉर्डिंग के साथ गौवंशो की गिनती और सरकारी रिकॉर्ड का मिलान टैग नंबर की सूची के साथ किया जाना सुनिश्चित करें,
11. पाया जाता है कि किसी भी बीमार गौवंश के उपचार हेतु पशु चिकित्सक पैरावेट का सहारा लेकर उससे उपचार करा देते हैं जबकि उस पैरावेट को गौवंश की बीमारी के बारे में कुछ नहीं पता होता, अतः जब तक पशु चिकित्सक द्वारा बीमारी की जांच न हो जाए किसी भी गंभीर बीमार गौवंश का उपचार पैरावेट द्वारा न किया जाए,
12. गौशालाओं में बीमार गौवंशो के रिकॉर्ड के लिए एक रजिस्टर तैयार किया जाए जिसमे प्रतिदिन के हिसाब से उनके उपचार में उपयोग होने वाली दवाइयों और उपचार करने वाले चिकित्सक की उपस्थिति का ब्यौरा दर्ज रहे, वर्तमान में किसी भी गौशाला में ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है,
13. गौशालाओं में सरकार के निर्देशानुसार भूसा बैंक में भूसा संरक्षण नही किया जाता, न ही ग्राम समाज की जमीन पर हरा चारा उगाया जाता है, जिस कारण गौशाला संचालक महंगे दामो में खरीदा हुआ भूसा दिखाकर सरकारी धन का दुरूपयोग करते हैं, इस विषय में उचित जाँच के साथ कार्यवाही की जाना सुनिश्चित किया जाय,
14. शासन के निरंतर आदेशो के बावजूद भी न तो शत प्रतिशत गौवंशो का संरक्षण हुआ न ही शत प्रतिशत टैगिंग की जा सकी, जिस कारण शासन को छुट्टा और संरक्षित गौवंशो की सही जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है जिस कारण छुट्टा गौवंशो की समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है, जो की सम्बंधित विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है,
15. जनपद में सहभागिता प्रक्रिया के तहत दी गई गौवंशो की सुपुर्दगी की जांच मय विडियोग्राफी टैग नंबर सहित शीघ्र अतिशीघ्र कराना सुनिश्चित किया जाए क्योकि जिनको सुपुर्दगी दी गई है उनके घरो से गौवंश नदारद है लेकिन उनको सरकारी अनुदान निरंतर रूप से दिलाने में विभाग द्वारा पूर्ण मदद की जा रही है, तत्काल इस भ्रष्टाचार पर रोक लगे ।
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