यूपी में अब बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का अधिकार, नई कॉस्ट डाटा बुक में आयोग ने किया साफ

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यूपी में अब बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का अधिकार, नई कॉस्ट डाटा बुक में आयोग ने किया साफ

07/01/2026 | Wednesday, January 07, 2026 Last Updated 2026-01-07T01:40:49Z
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यूपी में अब बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का अधिकार, नई कॉस्ट डाटा बुक में आयोग ने किया साफ



लखनऊ। बुधवार को नियामक आयोग की ओर से जारी नई कास्ट डाटा बुक ने स्पष्ट किया गया है कि बिजली उपभोक्ताओं को पोस्टपेड अथवा प्रीपेड स्मार्ट मीटर चुनने का अधिकार है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं के पास यह अधिकार प्राप्त है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्युत अधिनियम-2003 के तहत उपभोक्ताओं को पोस्टपेड अथवा प्रीपेड मीटर चुनने का अधिकार मिला है। अब तक राज्य में इसका पालन नहीं किया जा रहा था। नई कास्ट डाटा बुक ने स्पष्ट कर दिया है कि पोस्टपेड कनेक्शन पर सिक्योरिटी राशि जमाकर उपभोक्ता पोस्टपेड कनेक्शन रख सकता है।

सहमति के बिना कनेक्शन देना विद्युत अधिनियम के खिलाफ

उपभोक्ता की सहमति के बिना जबरिया प्रीपेड मोड में कनेक्शन देना विद्युत अधिनियम के खिलाफ है। आयोग ने बिजली कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं, लेकिन उनका मोड (प्रीपेड या पोस्टपेड) उपभोक्ता की सहमति पर निर्भर करेगा।
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