पूर्णिमा पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न, वेदमंत्रों की गूंज से पवित्र हुआ वातावरण
बदायूं : गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। शक्तिपीठ पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया था। यज्ञ स्थल पर गूंजते वेदमंत्रों, शंखध्वनि और घंटा-घड़ियालों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। गायत्री महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने लोककल्याण, राष्ट्र उन्नति, विश्व शांति और परिवारिक सुख-समृद्धि की कामना के साथ गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित कीं। यज्ञीय ऊर्जा से वातावरण में दिव्यता और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम दिखाई दिया।
गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक सचिन देव ने श्राद्ध कर्म और पितृ तर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पितृ ऋण से मुक्ति और जीवन की उन्नति का मार्ग यज्ञ और सेवा से ही प्रशस्त होता है। उन्होंने श्राद्ध पक्ष में किए जाने वाले सत्कर्मों और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रेरणा दी।
देवकन्या दीप्ति शर्मा और सौम्या शर्मा ने वेद मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ को सम्पन्न कराया। दीप्ति शर्मा ने यज्ञ का महत्व बताया उन्होंने कहा कि गायत्री यज्ञ न केवल आत्मशुद्धि का साधन है बल्कि यह परिवार, सामाज, राष्ट्र निर्माण का आधार भी है। उन्होंने यज्ञ को मानव जीवन का सबसे श्रेष्ठ संस्कार बताया।
मुख्य यजमान के रूप में सुरेन्द्र पाल ने मां गायत्री का पूजन किया। गुरु पूजन अतेंद्र सिंह चौहान और जीत सिंह ने किया, दीप पूजन गोपाल किशोर और नवल किशोर शर्मा ने देव पूजन किया। इस मौके पर माया सक्सेना, धनवती, प्रवेश कुमारी, विनीता, हरीश चंद्र कश्यप, सुमन देवी, महेश, माया देवी, सियाराम, पुष्पा देवी, कालीचरण पटेल, भुवनेश शर्मा, रामचंद्र प्रजापति, राजेश्वरी, प्रज्ञा, वीरपाल सिंह, सुखपाल शर्मा, संजीव कुमार शर्मा समेत बड़ी संख्या में आत्मीय परिजनों ने विधि-विधान से पूजन कर यज्ञ भगवान को लोकल्याणार्थ विशेष आहुतियां अर्पित कीं।
पूरे दिन भक्तिमय माहौल रहा।गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की दिव्य ध्वनि, शंखनाद और मृदु संगीत ने श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। गायत्री शक्तिपीठ के मार्गदर्शन और श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी से संपन्न हुआ। आयोजन की भव्यता और दिव्यता ने लोगों को जीवन में यज्ञ, साधना और सेवा को अपनाने की प्रेरणा दी।
मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्रनाथ शर्मा ने बताया कि शक्तिपीठ पर 21 सितंबर को सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या को श्राद्ध-तर्पण कराया जाएगा। जिसमें भारी संख्या में लोग श्राद्ध-तर्पण कराएंगे। जिला समन्वयक नरेंद्र पाल शर्मा ने कहा कि 20 सितंबर को वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा का जन्म दिवसोत्सव धार्मिक अनुष्ठान के साथ होगा। इसके लिए पूर्ण तैयारियां कर ली गई हैं। श्रद्धावानों को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
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