विद्यार्थियों के जीवन में निर्णायक मोड़ बना ‘मेंटल हेल्थ मैनेजमेंट थ्रू ब्लिसफुल लिविंग’ कार्यक्रम
300 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग, ध्यान और संकल्प के विज्ञान के साथ सफलता-असफलता के अनुभवों पर हुआ सार्थक संवाद
बदायूं। शिखर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एवं भारतीय योग एवं प्रबंधन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “Mental Health Management Through Blissful Living” कार्यक्रम का आज सफल समापन हुआ। आर्ट एंड कल्चर ऑडिटोरियम (डायट ऑडोटोरियम, बदायूं) में आयोजित इस कार्यक्रम में हायर सेकेंडरी एवं हायर एजुकेशन के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का आयोजन एवं मार्गदर्शन आचार्य राजन मेंदीरत्ता, आचार्य सुभाष एवं माँ किरन के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ तनाव, चिंता, मानसिक अवसाद, क्रोध एवं नकारात्मक विचारों से मुक्त होकर आनंदपूर्ण और सकारात्मक जीवन जीने की कला से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच, ध्यान एवं आनंदपूर्ण जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया। ध्यान के व्यावहारिक सत्रों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ध्यान के पश्चात विद्यार्थियों में शांति, प्रसन्नता और सकारात्मकता के भाव देखने को मिले।
कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थियों को विशेष रूप से “संकल्प का विज्ञान” और “ध्यान का विज्ञान” समझाया गया। उन्हें बताया गया कि जीवन में स्पष्ट संकल्प, सजगता और सकारात्मक दृष्टिकोण किस प्रकार व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और जीवन की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
दूसरे दिन का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पक्ष विद्यार्थियों द्वारा साझा किए गए उनके सफलता और असफलता के व्यक्तिगत अनुभव रहे। अनेक विद्यार्थियों ने खुलकर अपने जीवन के अनुभव सुनाए। इन अनुभवों के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि किन परिस्थितियों, आदतों, निर्णयों और मानसिक दृष्टिकोणों के कारण व्यक्ति सफलता की ओर बढ़ता है अथवा असफलता का सामना करता है। विद्यार्थियों के इन अनुभवों ने पूरे कार्यक्रम को संवादात्मक और जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय योग एवं प्रबंधन संस्थान की ओर से आचार्य दर्शन, आचार्य कुलदीप एवं आचार्य गगन ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विभिन्न ध्यान एवं ज्ञान आधारित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने मन को समझने, भावनाओं के प्रति सजग होने तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आचार्य दर्शन, आचार्य कुलदीप एवं आचार्य गगन का शाल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। विद्यार्थियों एवं संस्थान की ओर से उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यार्थियों से प्राप्त फीडबैक बेहद उत्साहजनक रहा। विद्यार्थियों ने दो दिवसीय कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें स्वयं को समझने, अपनी सोच को देखने और जीवन को नए दृष्टिकोण से जीने की प्रेरणा दी है। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन के लिए “एक निर्णायक मोड़” के रूप में बताया।
आयोजकों के अनुसार, आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना समय की आवश्यकता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को मानसिक रूप से स्वस्थ, भावनात्मक रूप से संतुलित, सकारात्मक और आत्मविश्वासी बनाना भी है।
दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि जीवन में सफलता केवल बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि स्वस्थ मन, स्पष्ट संकल्प, सजगता और आनंदपूर्ण जीवन-दृष्टि से भी निर्धारित होती है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन ने विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान के प्रति एक नई जागरूकता पैदा की और “Blissful Living” की दिशा में उन्हें एक सकारात्मक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
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